दिया कुमारी बहुत ही जागरूक व सक्रिय सांसद है जो लगातार क्षेत्र का दौरा करते हुए जनता की समस्याओं को स्वयं देखती व पूछती है और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान व विकास कार्यों के लिए निरन्तर दिल्ली में केन्द्रीय मंत्रियों से मिलकर अपनी मांगे रखती हैं और लगातार मंत्रियों व अधिकारियों से कार्य का फीड बैक लेती रहती है । सांसद द्वारा जनता की समस्याओं को सूनने के लिए राजसमंद, जयपुर व दिल्ली में तीन कार्यालय का संचालन किया जा रहा है। सांसद महोदय स्वयं प्रतिदिन क्षेत्र की जनता व कार्यकर्ताओं से संवाद रखती है और उनकी कुशल टीम हर समय सेवा के लिए तैयार रहती हैं।
- मण्डियाना से नाथद्वारा शहर तक 10.8 किमी रेल लाईन बिछाने के लिये एक सौ छियासठ करोड़ रू. की वित्तीय स्वीकृति।
- गोमती-ब्यावर फोरलेन के 6 वर्ष से अधूरे पड़े कार्य को पुनः प्रारम्भ करवाने हेतु से प्रथम किश्त के रूप में सात सौ बाईस करोड़ रू. की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होकर, इस कार्य की टेण्डर प्रक्रिया प्रगति पर है।
- राजसमन्द संसदीय क्षेत्र में घरेलु, औद्योगिक एवं व्यावसायिक गैस सप्लाई हेतु गैस पाईप लाईन की स्वीकृति।
- राजसमंद जिले का डिजिटल गांव योजना के तहत चयन। पूरे देश में मात्र तीन जिलों का चयन इस योजना के तहत हुआ है।
- रास-बाबरा- रूपनगर -जवाजा -आसींद-माण्डल मार्ग दो लेन हेतु चार सौ बारह करोड़ रुपये स्वीकृत।
- इन्दौर रणथम्भोर एक्सप्रेेस ट्रेन का रेण रेलवे स्टेशन पर ठहराव ।
- भटेवर से चारभुजा वाया मावली, नाथद्वारा, कुंभलगढ में सड़क नम्बर 162 ई. के नवीनीकरण के लिए चौतीस करोड़ रू0 की स्वीकृति
- ब्यावर रेलवे स्टेशन का अपग्रेडेशन हेतु यात्री सुविधाओं का विस्तार
- कोरोना माहमारी की रोकथाम के लिए दो वर्ष की सांसद निधि जमा की गई इसतरह मेरे द्वारा भी सांसद मद से ग्यारह करोड़ रूपये की एम. पी. लेड से प्रधान मंत्री सहायता कोष के लिए अनुशंषा ।
- कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु एम पी लेड से चौबीस लाख रूपये की अनुशंषा
- खारी फीडर की चौड़ाई-मरम्मत हेतु DPR बनवाने की स्वीकृति।
- राजसमन्द लोकसभा क्षेत्र की राजसमन्द, नाथद्वारा एवं कुम्भलगढ़ विधानसभा में पेयजल की सुचारू व्यवस्था हेतु ‘प्रधानमंत्री जलजीवन मिशन’ के तहत 17.55 करोड़ की छह योजनाओं की स्वीकृति।

मोदी सरकार के द्वितीय कार्यकाल में राजसमन्द लोक सभा क्षेत्र से निर्वाचित सांसद महोदया दिया कुमारी के लिए राजसमंद का क्षेत्र राजनीति के क्षेत्र में एक नवीन अनुभव सा रहा है। राजसमंद संसदीय क्षेत्र चार जिलो की 8 विधानसभाओं को जोड़कर बना है। जिसमें पाली जिले की जैतारण विधानसभा, नागौर जिले की मेडता व डेगाना, अजमेर जिले की ब्यावर विधानसभा तथा राजसमंद जिले की चारों विधानसभाएं लोकसभा संसदीय क्षेत्र के अन्तर्गत आती है। इस प्रकार यह लोकसभा क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से काफी विस्तृत है। सांसद के रूप में अपनी जनसेवा यात्रा के आरम्भ से अब तक सांसद महोदया द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु यहा की जनता से जुडाव हमेशा रहा हैै। राजसमन्द की संसदीय क्षेत्र की संरचना विषम होने के कारण यहा की हर विधानसभा क्षेत्र की अपनी-अपनी आवश्यकताएं एवं समस्याए हैं।